Wednesday, April 1, 2015

ब्रिटेन के पूर्व PM पर आज भी बकाया है 'बेंगलुरु क्लब' का 13 रुपए का बिल

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बेंगलुरु क्लब का बिल और ब्रिटिश आर्मी की वर्दी में 22 साल के युवा विंस्टन चर्चिल।
लंदन। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल आज भी दक्षिण भारत के प्रतिष्ठित 'बेंगलुरु क्लब' के 17 डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं। यकीन नहीं हो रहा न, लेकिन यह सवा सोलह आने सच है। बात उस वक्त की है, जब भारत, ब्रिटिश शासन के अधीन था। 22 साल के युवा आर्मी ऑफिसर ले. विंस्टल चर्चिल 1896 में उत्तरी-पश्चिमी सीमा (यह स्थान अब पाकिस्तान में है) पर जारी लड़ाई में शामिल होने के लिए बेंगलुरु पहुंचे थे। उन्होंने 3 साल के लिए इस क्लब की सदस्यता ग्रहण की थी। इसका सबूत क्लब का जून 1899 का वह बहीखाता है जिसमें चर्चिल के नाम के आगे 13 रुपए बकाए के रूप में दर्ज हैं।
इस क्लब की स्थापना 1868 में ब्रिटिश अफसरों के एक समूह ने की थी। क्लब ने 19वीं और 20वीं सदी के अपने वैभव को बनाए रखा है और आज यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित क्लबों में गिना जाता है। 2009 में क्लब के सचिव रहे कर्नल कृष्णन दक्षिणा मूर्ति ने बताया- वह (चर्चिल) अन्य युवा सैन्य अफसरों की तरह ही थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनेंगे। मूर्ति आगे कहते हैं- ऐसा शायद ही कभी हुआ हो कि एक देश के प्रधानमंत्री पर किसी दूसरे देश के एक क्लब का कुछ बिल बकाया हो, यह दुर्लभ मामलों का एक नायाब उदाहरण है।
लिस्ट में 12वें नंबर पर चर्चिल
क्लब के बहीखाते में डिफॉल्टरों के नाम हस्तलिखित (हाथों से लिखे गए) रूप में दर्ज हैं। 150 साल से भी ज्यादा पुराना यह बहीखाता क्लब की मुख्य इमारत में आज भी सुरक्षित है। क्लब की दीवार पर चर्चिल की उनके अन्य आर्मी ऑफिसर्स के साथ एक फ्रेम की हुई फोटो भी लगी है। बहीखाते में सभी बकायेदारों के नाम स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में दर्ज हैं। सूची में कुल 17 नाम हैं, इनमें चर्चिल का नाम ऊपर से 12वें नंबर पर है।
मृत्यु के बाद हुआ खुलासा
चर्चिल की मृत्यु 24 जनवरी, 1965 को हुई थी। इसके काफी बाद क्लब को यह पता चला कि चर्चिल उसके कर्जदार हैं। आगे चलकर क्लब ने इस बात को सार्वजनिक कर दिया। भारत आने वाले कई ब्रिटिश नागरिक इस बकाये को चुकाने का प्रस्ताव रख चुके हैं, लेकिन मूर्ति का कहना कि इतिहास दोबारा नहीं लिखा जा सकता है। क्लब के पास चर्चिल की बेंगलुरु यात्रा का इसके अलावा कोई अन्य रिकॉर्ड नहीं है।

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