इस बार वर्ल्ड कप में कई नए ट्रेंड दिख रहे हैं। पिछली बार के देखे-परखे कई फॉर्मूले इस बार नजर नहीं आ रहे। पहले अगर शुरुआती 10 ओवरों में तेज रन बनाने की कोशिश होती थी तो इस बार शुरुआती ओवरों में टीमें विकेट बचाती दिख रही हैं। मिडिल ओवर्स में ज्यादा रन बन रहे हैं। तेज पिचों पर स्पिनर्स भी हिट हो रहे हैं। टेलएंडर बैट्समैन पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंट नजर आ रहे हैं। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल ने बैट्समैन को बेनिफिट ऑफ डाउट मिलने की संभावना लगभग खत्म कर दी है। dainikbhaskar.com यहां आपको बता रहा है इस वर्ल्ड कप के चुनिंदा ट्रेंड-
1 of 10
पहले : 1996 का वर्ल्ड कप। श्रीलंका के जयसूर्या और कालूवितरणा शुरुआती ओवरों में आक्रामक तरीके से खेलते थे। यह फॉर्मूला 2011 के वर्ल्ड कप तक हिट रहा।
अब : वेस्टइंडीज-साउथ अफ्रीका का पूल मैच। साउथ अफ्रीका ने शुरुआती 15 ओवर में धीमे खेला। बाद के 35 ओवर में 358 रन बना डाले। इंडिया ने भी अपने कई मैचों में शुरुआती 15 ओवरों में संभलकर बैटिंग की।
No comments:
Post a Comment