नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार सुबह जम कर
मारपीट हुई। एक विधायक ने मेज पर अपना सिर पटक दिया। दूसरे ने उसकी बांहें
मरोड़ दी। कई और विधायकों को घूंसे पड़े। दस विधायक और झगड़े में उलझ गए और
फिर बाहर निकल गए। विधायकों ने एक-दूसरे पर इस तरह से हमला बोला कि
असेंबली हॉल में रखी गई मेज उलट गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से
एक-दूसरे पर कागज फेंके गए।
मार्शल को भी लगी चोट
विधायकों को रोकने की कोशिश कर रहे मार्शलों को भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक मार्शल को चोट लग गई। सुरक्षाकर्मियों ने एक विधायक को तब पकड़ लिया, जब लग रहा था कि वह अन्य विधायकों को पीट सकता है।
विधायकों को रोकने की कोशिश कर रहे मार्शलों को भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक मार्शल को चोट लग गई। सुरक्षाकर्मियों ने एक विधायक को तब पकड़ लिया, जब लग रहा था कि वह अन्य विधायकों को पीट सकता है।
कब शुरू हुआ झगड़ा?
कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक शुक्रवार की सुबह सभापति के आसन के सामने पहुंचे और पावर प्रोजेक्ट राज्य सरकार को ट्रांसफर न किए जाने का मुद्दा उठाया। सरकार ने सफाई दी कि वित्तीय और कानूनी वजहों के चलते यह ट्रांसफर संभव नहीं है। इसी बीच लात-घूंसे चलने लगे।
कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक शुक्रवार की सुबह सभापति के आसन के सामने पहुंचे और पावर प्रोजेक्ट राज्य सरकार को ट्रांसफर न किए जाने का मुद्दा उठाया। सरकार ने सफाई दी कि वित्तीय और कानूनी वजहों के चलते यह ट्रांसफर संभव नहीं है। इसी बीच लात-घूंसे चलने लगे।
नेताओं की प्रतिक्रिया
विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे स्कूल के बच्चों ने विधायकों की मारपीट देखी। इस पर पीडीपी के नेता नईम अख्तर ने कहा, 'हमने अपने बच्चों को बहुत ही शर्मनाक नजारा दिखाया। अफसोस है कि ये बच्चे अपने घर बहुत ही खराब छवि लेकर जाएंगे।' नेता, विपक्ष अब्दुल मजीद ने कहा, 'यह समस्या तब शुरू हुई जब सरकार ने सुनने से इनकार कर दिया। जब वे विपक्ष में थे (पीडीपी और बीजेपी) तब वे कुर्सियां तोड़ते थे। उन्हें हमारी बात उसी तरह से सुननी चाहिए जैसे हम उनकी सुनते हैं।' नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'उन्होंने (पीडीपी और बीजेपी) न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) बनाने में तीन महीने का समय लिया। लेकिन अब सीएमपी के नाम पर जो कुछ भी बताया जा रहा है, वह झूठ है।'
विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे स्कूल के बच्चों ने विधायकों की मारपीट देखी। इस पर पीडीपी के नेता नईम अख्तर ने कहा, 'हमने अपने बच्चों को बहुत ही शर्मनाक नजारा दिखाया। अफसोस है कि ये बच्चे अपने घर बहुत ही खराब छवि लेकर जाएंगे।' नेता, विपक्ष अब्दुल मजीद ने कहा, 'यह समस्या तब शुरू हुई जब सरकार ने सुनने से इनकार कर दिया। जब वे विपक्ष में थे (पीडीपी और बीजेपी) तब वे कुर्सियां तोड़ते थे। उन्हें हमारी बात उसी तरह से सुननी चाहिए जैसे हम उनकी सुनते हैं।' नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'उन्होंने (पीडीपी और बीजेपी) न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) बनाने में तीन महीने का समय लिया। लेकिन अब सीएमपी के नाम पर जो कुछ भी बताया जा रहा है, वह झूठ है।'
No comments:
Post a Comment