700 भैंसों का ऑडिशन लेने के बाद मिली 'Miss Tanakpur1 of 9
वाराणसी. पंचायती फरमानों और सिस्टम पर आधारित फिल्म 'मिस टनकपुर हाजिर हों' 26 जून को रिलीज हो रही है। फिल्म के प्रोड्यूसर विनय तिवारी नेdainikbhaskar.com से खास बातचीत में फिल्म के बेहद दिलचस्प राज खोले। आपको जानकर हैरानी होगी कि 'मिस टनकपुर' इतनी आसानी से नहीं मिली। कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट से गुजरने के बाद उन्हें बड़े पर्दे पर आने का मौका मिला। इसके लिए उन्होंने कॉम्पीटिशन में 700 भैंसों को मात दी। कई ऑडिशन होने के बाद हापुड़ की 'मिस टनकपुर' को फिल्म के लिए सेलेक्ट किया गया।
प्रोड्यूसर विनय तिवारी के मुताबिक, फिल्म के लिए लंबे समय से एक खूबसूरत भैंस की तलाश की जा रही थी। सींग, सुंदर आंखें, गठीला बदन और आवाज को खूबसूरती का पैमाना बनाया गया था। 700 भैंसों का ऑडिशन लेने के बाद भी किसी में वो बात नजर नहीं आई, जिसे देखकर जुबां से वाह निकल जाए। किसी की सींगें टेढ़ी तो किसी का शरीर दुबला-पतला और कातिलाना मुस्कान की कमी तो सबमें ही पाई गई। काफी माथापच्ची के बाद हापुड़ की भैंस को मिस टनकपुर के लिए चुना गया।
कड़ी ट्रेनिंग से गुजरी 'मिस टनकपुर'
सिल्वर स्क्रीन पर आने से पहले 'मिस टनकपुर' को भी डेब्यू हीरोइन की तरह ही काफी मेहनत करनी पड़ी। अपने लुक्स से लेकर एक्टिंग तक पर उसने काफी काम किया। फिल्म में अपने किरदार को वो अच्छे से जी सके, इसके लिए कड़ी ट्रेनिंग से भी होकर गुजरना पड़ा। विनय तिवारी ने बताया कि पहली बार किसी रियल स्टोरी फिल्म में रेप जैसे सेंसटिव सब्जेक्ट को एक भैंस पर केंद्रित करके दिखाया गया है।
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