Sunday, April 5, 2015

सुरेश रैना ने शादी में नहीं बुलाए रिश्तेदार, मामा की आंखों से छलके आंसू

अपने मामा के साथ सुरेश रैना। फाइल फोटो
अपने मामा के साथ सुरेश रैना। फाइल फोटो

शिमला। जिन सगे मामा की गोद में खेल कर सुरेश रैना बड़े हुए, उन्हीं को अपनी शादी में नहीं बुलाया। शादी की सारी रात मामा टकटकी लगाए टीवी पर भांजे की शादी की तस्वीरें देख अपनी आंखें पोछते रहे। उन्हें इस बात का मलाल अब जीवन सताता रहेगा कि जिस भांजे के इस मुकाम पर पहुंचने के लिए मन्नतें मांगी उसी की शादी में वह नहीं जा पाए।
टीम इंडिया के क्रिकेट टीम के खिलाड़ी सुरेश रैना शुक्रवार को प्रियंका के साथ परिणय सूत्र में बंध गए। सुरेश रैना के सगे मामा हिमाचल निवासी मांगो राम को रैना के माता-पिता ने शादी का निमंत्रण ही नहीं दिया। मांगों राम को तो सगाई की जानकारी भी टीवी, अखबारों से मिली। मटौर में रह रहे मामा मांगों राम का कहना है कि रैना के माता पिता का फोन आया था। उन्होंने उनसे कहा कि शादी में किसी भी रिश्तेदार को नहीं बुलाया गया है। शादी के बाद रिसेप्शन में सभी रिश्तेदारों को बुलाया जाएगा। शादी में राजनीति, बॉलीवुड, उद्योग और खेल जगत की बड़ी हस्तियां आएंगी। इसलिए, परिवार वालों को बाद में बुलाया जाएगा। रैना के दो अन्य मामाओं को भी निमंत्रण नहीं दिया गया। वैसे देखा जाए तो हिंदू परंपराओं के अनुसार मामा के बिना शादी की रस्मे पूरी नहीं मानी जाती। शादियों में लड़के की मां के भाई भात लेकर जाते हैं और कुछ ऐसी परंपराएं होती हैं जिन्हें सिर्फ मामा ही निभाते हैं। पानी भरने (तोरन) की रस्म मामा ही निभाता है। इसके बाद ही समूहत, शांति हवन, बारात में भी दूल्हे को मामा ही पकड़ कर आगे ले जाते हैं। हवन की लकड़ी और सामग्री सहित दूल्हे के कपड़े और सेहरा मामा दी देते है। रैना की शादी में ऐसी कोई भी रस्म नहीं निभाई गई।
धर्मशाला आने पर मामा के घर जरूर जाते हैं रैना
सुरेश रैना धर्मशाला में जब भी मैच खेलने आते हैं तब खाना अपने मामा के घर मटौर में ही अब तक खाने जाते थे। मामा मांगों राम कहते हैं कि पिछली बार वेस्ट इंडीज के साथ धर्मशाला में मैच था तो रैना घर आए थे। रैना चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर सेआईपीएल में खेलते हैं। वह कुछ समय पहले धर्मशाला क्रिकेट मैदान पर किंग्स इलेवन पंजाब की टीम के साथ हुए मैच को खेलने के लिए भी धर्मशाला आए थे, तब उनके यहां खाना खाने आए थे। रैना के मामा हिमाचल के डमटाल के मोहटली सूरजपुर उपला के रहने वाले हैं। वह पिछले 20 साल से मटौर में रह रहे हैं। उनकी बहन की शादी पठानकोट के पास सरना में जसवाली में हुई थी। उनके जीजा गाजियाबाद में केंद्र सरकार के एक उपक्रम में नौकरी करते थे। सुरेश रैना ने गाजियाबाद में ही क्रिकेट सीखा और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई।

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