Wednesday, June 3, 2015

Actress Nutan Wear Swimsuit For The First Time In Indian Screen

पर्दे पर स्विमसूट पहनने वाली पहली एक्ट्रेस थीं नूतन

PHOTOS: पर्दे पर स्विमसूट पहनने वाली पहली एक्ट्रेस थीं नूतन
(फिल्म 'दिल्ली का ठग' के सीन में नूतन)
मुंबई: गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा नूतन अगर आज हमारे बीच होती तो वे अपना 79वां जन्मदिन मनाती होती। 4 जून 1936 को जन्मी नूतन को अभिनय के गुण उनकी मां शोभना समर्थ से ही मिल गए थे। भारतीय सिनेमा जगत में नूतन को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता हैं, जिन्होंने फिल्मों में एक्ट्रेसेस के महज शोपीस के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की परंपरागत विचार धारा को बदलकर उन्हें अलग पहचान दिलाई थी। 'सुजाता', 'बंदिनी', 'मैं तुलसी तेरे आंगन की', 'सीमा', 'सरस्वती चंद्र', और 'मिलन' जैसी कई फिल्मों में अपने उत्कृष्ट अभिनय से नूतन ने यह साबित कर दिया कि नायिकाओं में भी अभिनय क्षमता है और अपने अभिनय के आकर्षण के दम पर वे दर्शकों को सिनेमा हॉल तक लाने में सक्षम हैं।
नूतन न तो मधुबाला की तरह ग्लैमरस थी और ना ही नरगिस की तरह कोमल और ना ही मीना कुमारी की तरह करिश्माई, लेकिन 70 से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय कर नूतन ने यह साबित कर दिया कि वे अगर इन अभिनेत्रियों से 21 नहीं तो बीस भी नहीं थी। सांवली सूरत, लम्बी काया, तीखे नैन-नक्श, सौम्यता की प्रतिमूर्ति, अभिनय के तेज से दमकता चेहरा यहां तक सम्पूर्ण काया ही अभिनय के रंग से सरोबार, ऐसे आकर्षक व्यक्तित्व की मल्लिका थी नूतन।
स्विमसूट पहनकर दर्शकों को चौंकाया
साल 1958 में रिलीज फिल्म 'दिल्ली का ठग' में पहली बार स्विमिंग सूट पहनकर नूतन ने उस समय के दर्शकों को चौंका दिया था। फिल्म 'बारिश' में नूतन काफी बोल्ड दृश्य देने से भी नहीं झिझकी। नूतन का मानना था कि वह एक कलाकार हैं और पटकथा के हिसाब से उन्हें इन सब बातों से कोई गुरेज नहीं।
बदली बोल्ड छवि
इसके लिए उनकी काफी आलोचना भी हुई लेकिन बाद में विमल राय की फिल्म 'सुजाता' और 'बंदिनी' में नूतन ने अत्यंत मर्मस्पर्शी अभिनय कर अपनी बोल्ड अभिनेत्री की छवि को भी बदल दिया। वर्ष 1959 में प्रदर्शित फिल्म 'सुजाता' नूतन के सिने करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में नूतन ने अछूत कन्या के किरदार को रूपहले पर्दे पर साकार किया।
21 फरवरी 1991 को दुनिया को अलविदा कह यह शानदार अदाकारा सिने प्रेमियों को अपनी बेहतरीन अदाकारी की यादों के सहारे छोड़ हमेशा के लिए इस दुनिया से रुखसत हो गई।

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