चोट ने खत्म किया क्रिकेटर क्रेग का करियर, 27 की उम्र में ही लेना पड़ा संन्यासNext
लंदन. इंग्लैंड और समरसेट के विकेटकीपर बल्लेबाज क्रेग कीस्वेटर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की है। इस क्रिकेटर को आंख में चोट के कारण संन्यास लेने को बाध्य होना पड़ा है। साउथ अफ्रीका में जन्में 27 वर्षीय कीस्वेटर की पिछले साल जुलाई में नॉर्थम्पटनशर के खिलाफ काउंटी चैम्पियनशिप मैच के दौरान चोट लगने से नाक टूट गई और उनके गाल में भी चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें स्पष्ट देखने में भी समस्या होने लगी।
ये कहा संन्यास के बारे में
कीस्वेटर ने कहा, "आंख की चोट और बाकी चीजों का अनुभव करने के बाद मुझे लगता है कि मैं मानसिक तौर पर वैसा खिलाड़ी कभी दोबारा नहीं बन पाउंगा जैसा पहले था।" कीस्वेटर ने इंग्लैंड की ओर से 46 वनडे और 25 टी-20 मैच खेले लेकिन कभी देश की टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बने। प्रथम श्रेणी क्रिकेट और लिस्ट ए क्रिकेट में कीस्वेटर का बल्लेबाजी औसत 40 से कुछ कम का रहा। उन्होंने टी-20 में लगभग 32 की औसत से रन बनाए। उन्होंने इसके अलावा 308 कैच लपके और 11 स्टंपिंग की।
कैसे और कब लगी चोट
कीस्वेटर एक काउंटी क्रिकेट के दौरान जुलाई, 2014 में बुरी तरह घायल हो गए थे। समरसेट और नॉर्थ हेम्पटनशायर के बीच खेले गए एक मैच में नॉर्थ हेम्पटनशायर के गेंदबाज डेविड विले के एक बाउंसर से क्रेग को चोट लगी। वे गेंद को पुल करना चाहते थे, लेकिन चूक गए। गेंद इतनी तेज थी कि वह उनके हेल्मेट के ग्रील और विजर के बीच से निकली और उनके मुंह पर जा लगी। इयये उनकी दाईं आंख और नाक पर गंभीर चोट लगी। काफी तेजी से खून बहने लगा। मैदान पर शुरुआती उपचार किया गया, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां कुछ दिनों तक उनका इलाज चलता रहा।
दोबारा खेलना भी शुरू किया पर दिक्कत होने लगी
इलाज के बाद सितंबर में कीस्वेटर दोबारा समरसेट के लिए खेलने मैदान पर उतरे। मिडिलसेक्स के खिलाफ उस मैच में उन्होंने 69 रनों की पारी खेली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली, लेकिन नवंबर में साउथ अफ्रीका में जब वे वारियर्स के लिए टी20 मैच खेल रहे थे तो उस दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें गेंद ठीक से दिखाई नहीं दे रही है। इसके बाद उन्होंने आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें क्रिकेट खेलने से मना किया। कीस्वेटर ने यह फैसला किया कि जबतक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, क्रिकेट नहीं खेलेंगे। काफी महीनों के इंतजार के बावजूद जब उनकी हालत में बहुत सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।
इलाज के बाद सितंबर में कीस्वेटर दोबारा समरसेट के लिए खेलने मैदान पर उतरे। मिडिलसेक्स के खिलाफ उस मैच में उन्होंने 69 रनों की पारी खेली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली, लेकिन नवंबर में साउथ अफ्रीका में जब वे वारियर्स के लिए टी20 मैच खेल रहे थे तो उस दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें गेंद ठीक से दिखाई नहीं दे रही है। इसके बाद उन्होंने आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें क्रिकेट खेलने से मना किया। कीस्वेटर ने यह फैसला किया कि जबतक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, क्रिकेट नहीं खेलेंगे। काफी महीनों के इंतजार के बावजूद जब उनकी हालत में बहुत सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।
यादगार पारी
टी20 क्रिकेट में कीस्वेटर ने 12 सितंबर, 2012 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे यादगार पारी खेली। तीन टी20 मैचों की सीरीज में इंग्लैंड एक मैच हारकर पहले ही पीछे चल रहा था, जबकि एक मैच रद्द हो गया था। यह सीरीज का आखिरी मैच था और इंग्लैंड को सीरीज बचाने के लिए हर हाल में जीतना था। यह मैच भी बारिश के कारण 11-11 ओवर तक निर्धारित किया गया। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बैटिंग करने के लिए कहा। कीस्वेटर ने आते ही रन बरसाने शुरू कर दिए। उस मैच में उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों में हाफ सेनचुरी पूरी कर ली। इस दौरान उन्होंने 3 चौके और इतने ही छक्के लगाए।
क्रिकेट करियर
| फॉर्मेट | मैच | रन | 100 | 50 | शिकार |
| वनडे | 46 | 1054 | 1 | 5 | 65 |
| टी-20 | 25 | 526 | 0 | 3 | 20 |
No comments:
Post a Comment