मुद्रास्फीति की दर आसमान छूने से जिम्बाब्वे की करेंसी की वैल्यू जमीन पर आ गई। एक आंकड़े के मुताबिक, वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत जिम्बाब्वे करेंसी में 35,000,000,000,000,000 जिम्बाब्वे डॉलर हो गई है।
2008 में आर्थिक संकट की बानगी कुछ ऐसी थी कि जिम्बाब्वे के लोग प्लास्टिक बैग में नोटों के बंडल भरकर ले जाते थे और दुकानदार से बुनियादी वस्तुओं जैसे दूध, ब्रैड और अंडा खरीद कर लाते थे। कई बार ऐसा भी होता था कि दिन में दो बार चीजों के दाम बढ़ जाते थे।
रिजर्व बैंक ऑफ जिम्बाब्वे (आरबीजेड) के गर्वनर जॉन मांगुद्या ने बताया कि बैंक सोमवार से मार्च 2009 के पहले वाले खाताधारकों के जिम्बाब्वे डॉलर्स के बदले अमेरिकी डॉलर्स एक्सचेंज करेगा। यह लोकल करेंसी को खत्म करने की वैध प्रक्रिया है। जिम्बाब्वे के नागरिक सितंबर तक बैंक नोट को बदलवा सकते हैं। कई लोग स्मृति चिह्न के रूप में इसे विदेशी पर्यटकों को बेचने की तैयारी भी कर रहे हैं।
अभी वर्तमान में बैंक अकाउंट में बैलेंस के नाम पर इस समय 175 क्वाड्रिलियन जिम्बाब्वे डॉलर्स हैं। जिनकी कीमत सिर्फ पांच डॉलर है। जिनके पास 175 क्वाड्रिलियन ऊपर होगा, उन्हें 35 क्वाड्रिलियन जिम्बाब्वे डॉलर्स के बदले एक डॉलर दिया जाएगा।
2008 में आखिरी बार आरबीजेड ने 100 ट्रिलियन जिब्माब्वे डॉलर का बैंक नोट छापा था। जो पूरे सप्ताह के बस किराए की कीमत भी नहीं है। आरबीजेड के मुताबिक, कस्टमर्स द्वारा छिपाए गए 250 ट्रिलियन के पुराने नोट भी बदले एक डॉलर दिया जाएगा। इसका मतलब, जिसके पास 100 ट्रिलियन के नोट हैं, उसे सिर्फ 40 सेंट (डॉलर से छोटी यूनिट) मिलेंगे। बैंक को करीब जिम्बाब्वे डॉलर्स के बदले 20 मिलियन डॉलर (128 करोड़ रुपए) का भुगतान होने की आशा है।
जिम्बाब्वे में एक बियर खरीदने के लिए आपको नोटों के ऐसे बंडल ले जाने पड़ेंगे। 2009 की रिपोर्ट के मुताबिक, 50 बिलियन जिम्बाब्वे डॉलर में दो ब्रेड के पीस मिलेंगे।







